BJP had made lakhs of ration cards for votes in the elections, now they have been cancelled - बीजेपी ने चुनाव में वोट के लिए बनाए थे लाखों राशन कार्ड ,अब काटे-भ

बीजेपी ने चुनाव में वोट के लिए बनाए थे लाखों राशन कार्ड ,अब काटे-भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आंकड़ों के साथ किया बड़ा खुलासा

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BJP had made lakhs of ration cards for votes in the elections, now they have been cancelled -

 पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव में वोट हासिल करने के लिए लाखों फर्जी राशन कार्ड बनाए। क्योंकि आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में राशन कार्ड 11,09,865 थे, जो 2022-23 में बढ़कर 26,40,475 और 2024 में 51,96,380 हो गए। इसी तरह लाभार्थी 52,40,111 से बढ़कर 2,13,00,000 हो गए। यानी 80 प्रतिशत हरियाणवियों को बीजेपी ने बीपीएल घोषित कर दिया।

लेकिन चुनाव बाद देशभर में 41 लाख राशन कार्ड काटे गए, जिसमें हरियाणा में सबसे अधिक 13,43,474 कार्ड काटे गए। इससे 70 लाख से अधिक लोगों का राशन बंद हो गया। यानी बीजेपी ने वोट लेने के लिए जनता के साथ धोखा किया। इसी तरह महिलाओं के साथ भी भाजपा ने धोखा किया। हरियाणा की सभी 85 लाख महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया, लेकिन अब केवल 5 लाख  महिलाओं को ही यह राशि देने की बात कर रही है। 

रोहतक में अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भर्तियों में हरियाणवी युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर हरियाणवियों को भर्तियों से बाहर कर रही है। हरियाणा पावर यूटिलिटीज (HPU) असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती में जनरल कैटेगरी के 214 उम्मीदवारों में केवल 29 हरियाणा डोमिसाइल वाले चुने गए। HPSC की अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में भी हरियाणवियों का चयन 8 प्रतिशत से कम रहा। अन्य उदाहरणों में:असिस्टेंट प्रोफेसर पोलिटिकल साइंस: 18 में से 11 बाहर के थे। 

SDO इलेक्ट्रिकल की भर्ती में एकबार इसी सरकार ने 80 में से 78 बाहर के लोगों को नियुक्त कर दिया। इसके बाद जब ये भर्ती दोबार हुई तो 99 में से 77 बाहर के लगाए गए। लेक्चरर ग्रुप-बी टेक्निकल एजुकेशन में 157 में से 103, HCS 2017 में तीन में से एक बाहर का, DHO भर्ती में 16 में से 12 बाहर के, BDPO भर्ती में 7 में से 4 बाहर के लोगों को लगाया गया था। 

इसके अलावा, HPSC भर्तियों में पद जानबूझकर खाली रखे जाते हैं। अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर की 613 पोस्ट में इंटरव्यू के लिए केवल 151 को बुलाया गया। यह हरियाणवी युवाओं के हकों पर डाका मारा जा रहा है।  

किसानों के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि किसी फसल पर MSP नहीं दी जा रही, जबकि सरकार 24 फसलों पर MSP का झूठा दावा करती है। धान का सरकारी रेट 2389 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन किसानों से 1500-2000 रुपये में खरीदा गया। बाजरा MSP 2250 के मुकाबले 1850-1900 में बिका। मूंग, कपास आदि फसलें भी MSP पर नहीं बिकीं।

फरीदाबाद में एक महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना पर गहरा रोष जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह वारदात शर्मनाक और निंदनीय है। इससे साबित होता है कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था नाममात्र की भी नहीं है। केंद्र सरकार की सामाजिक प्रगति सूचकांक में हरियाणा सबसे असुरक्षित राज्य है।

अर्थव्यवस्था पर उन्होंने कहा कि नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें स्थान पर है। Debt-to-GSDP अनुपात 31% से अधिक है,आज 5 लाख से अधिक कर्ज़ हो गया है, प्रदेश कर्ज के जाल में फंसा है। और निवेश आना तो दूर की बात है, ये सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट की सरकार है बड़ा-बड़ा प्रचार करते हैं अब इनकी थी एक "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" जिसका इन्होंने खूब प्रचार किया। उसके बावजूद हरियाणा में औद्योगिक क्षेत्र लगातार घटता जा रहा है। पिछले 5 सालों से हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में 12.2 % की गिरावट जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक ने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यवन मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण के डेटा में बताया है की हरियाणा में 2018-19 से आज तक 1446 फैक्ट्रियां या तो बंद हो गई है या पलायन कर गई है।

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने इसे बर्बाद कर दिया। जर्जर स्टेडियमों से अब तक दो खिलाड़ियों की जान जा चुकी है। कांग्रेस सरकार ने विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया, खेल नीति लागू की, नकद इनाम और DSP पदों पर नियुक्तियां दीं। स्पोर्ट्स टैलेंट हंट और खेल अकादमियां शुरू कीं, लेकिन भाजपा ने इन्हें बंद कर दिया।

अरावली मुद्दे पर हुड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मुद्दा उठाया गया, लेकिन सरकार चर्चा से भागी। फॉरेस्ट सर्वे रिपोर्ट कहती है कि अरावली का विनाश हरियाणा को सबसे अधिक प्रभावित करेगा। अरावली उत्तर भारत के फेफड़े हैं, जो इस पूरे इलाके को जीवन देती है। 

इस मौके पर हुड्डा ने सभी देशवासियों एवं प्रदेशवासियों को नववर्ष की भी हार्दिक शुभकामनाएं दीं